उत्तरकाशी। यमुनोत्री धाम यात्रा के प्रमुख पड़ाव जानकीचट्टी में शुक्रवार सुबह यात्रियों को अपनी ओर बुलाने को लेकर कुली एजेंसी से जुड़े मजदूरों के बीच विवाद हो गया। यात्रियों को अपनी-अपनी सेवाएं देने के लिए बुलाने के दौरान मजदूरों में खींचतान और धक्कामुक्की की स्थिति बन गई। अचानक हुए हंगामे से मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी और दहशत का माहौल रहा।

जानकारी के अनुसार, सुबह के समय जानकीचट्टी में श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी थी। इसी दौरान कुली एजेंसी से जुड़े मजदूर यात्रियों को अपनी ओर बुलाने का प्रयास कर रहे थे। यात्रियों को सेवा देने को लेकर उनके बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला खींचतान और धक्कामुक्की तक पहुंच गया। इस दौरान मौके पर मौजूद यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

जानकीचट्टी यमुनोत्री धाम जाने वाले श्रद्धालुओं का प्रमुख पड़ाव है। यहां से आगे श्रद्धालुओं को पैदल मार्ग से धाम तक जाना पड़ता है। यात्रा के दौरान कई श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार घोड़े-खच्चर, पालकी और अन्य सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में यात्रा पड़ाव पर बड़ी संख्या में सेवा प्रदाताओं की मौजूदगी रहती है।

यात्रियों के बीच सेवाएं हासिल करने को लेकर प्रतिस्पर्धा और इस तरह के विवाद से यात्रा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का कहना है कि चारधाम यात्रा के प्रमुख पड़ाव पर व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिससे यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो। भीड़ के बीच मजदूरों के बीच विवाद होने से किसी बड़े हादसे की आशंका भी बनी रहती है।

स्थानीय स्तर पर पहले भी जानकीचट्टी में यात्री सुविधाओं और भीड़ प्रबंधन को लेकर सवाल उठते रहे हैं। जून में भी स्थानीय लोगों ने घोड़े-खच्चर और डंडी-कंडी मजदूरों की भीड़ के कारण कई बार अफरा-तफरी की स्थिति बनने की शिकायत की थी।

मामले में एसडीएम बृजेश कुमार तिवारी ने कहा कि पुलिस और जिला पंचायत को इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने यात्रा पड़ाव पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कार्रवाई की बात कही है। अब प्रशासन के सामने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए कुली एजेंसियों के संचालन तथा भीड़ प्रबंधन को व्यवस्थित करने की चुनौती है।

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