देहरादून। क्रिप्टो करेंसी और फॉरेक्स ट्रेडिंग में हर महीने भारी मुनाफे का झांसा देकर देहरादून में एक रिटायर्ड फौजी और उनके साथियों से करीब 1.55 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। शिकायत के आधार पर क्लेमेंटाउन थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत छह लोगों और एक कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों पर बीएनएस और अनियमित जमा योजना प्रतिबंध अधिनियम की संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई है।

क्लेमेंटाउन निवासी शिकायतकर्ता चंद्रबल्लभ शुक्ला के अनुसार, आरोपियों ने उनके घर पहुंचकर उन्हें मेटाट्रेड-5 और फाइनेंशियल फ्रीडम प्रोजेक्ट में निवेश करने का लालच दिया। आरोपियों ने निवेश की रकम पर हर महीने पांच से आठ प्रतिशत तक मुनाफा देने का भरोसा दिलाया। इसके बाद उन्हें अलग-अलग डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से क्रिप्टो और फॉरेक्स ट्रेडिंग में पैसा लगाने के लिए तैयार किया गया।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, आरोपियों ने खुद को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित ट्रेडिंग का विशेषज्ञ बताया। जूम मीटिंग और सोशल मीडिया के जरिए निवेश से जुड़ी जानकारी दी जाती थी। निवेश के लिए बॉट ब्रो, क्रॉस मार्केट, माइन क्रिप्टो और टीएलसी कॉइन जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किए जाने की बात भी सामने आई है।

आरोप है कि रिटायर्ड फौजी ने सेना में करीब 30 साल की सेवा के बाद जमा की गई अपनी बचत के अलावा अपने परिचितों और साथियों की रकम भी आरोपियों को निवेश के नाम पर दे दी। अलग-अलग बैंक खातों और नकद के माध्यम से दी गई रकम कुल 1,55,49,748 रुपये बताई गई है।

मामले में मुख्य आरोपी की पहचान लविश चौधरी उर्फ नवाब अली के रूप में बताई गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वह मूल रूप से मुजफ्फरनगर का रहने वाला है और फिलहाल दुबई से अपना नेटवर्क संचालित कर रहा है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

जांच में पुलिस ठगी की रकम की मनीट्रेल, बैंक खातों, डिजिटल प्लेटफॉर्म और आरोपियों से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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