नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाओं की दुनिया में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। मरीजों के इलाज, मेडिकल शिक्षा और दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने में एआई की भूमिका तेजी से बढ़ने वाली है। यह बात मैक्स हॉस्पिटल की वरिष्ठ डॉक्टर ममता त्यागी ने कही।
डॉ. ममता त्यागी के अनुसार, जिस तरह कंप्यूटर, इंटरनेट और रोबोटिक्स ने चिकित्सा क्षेत्र को नई दिशा दी है, उसी तरह एआई भविष्य में इलाज के पूरे तरीके को बदल देगा। मरीज अब अपनी बीमारी के शुरुआती लक्षणों के आधार पर एआई की मदद से प्राथमिक स्तर पर जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इससे लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि उनके लक्षण किस बीमारी से संबंधित हो सकते हैं और उन्हें किस तरह के उपचार की आवश्यकता है।
उन्होंने बताया कि मेडिकल शिक्षा में भी एआई अहम भूमिका निभाएगा। स्वास्थ्य शिक्षा के छात्र एआई आधारित थ्रीडी मॉडल के जरिए सर्जरी और उपचार प्रक्रियाओं का लगभग वही अनुभव प्राप्त कर सकेंगे, जो वे ऑपरेशन थियेटर में वरिष्ठ डॉक्टरों को देखकर सीखते हैं। इससे छात्रों की दक्षता और व्यावहारिक समझ में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
डॉ. त्यागी ने कहा कि दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर इलाज उपलब्ध कराना हमेशा से एक चुनौती रहा है, लेकिन एआई और रोबोटिक्स के समन्वय से शहरों में बैठे विशेषज्ञ डॉक्टर भी दूरस्थ क्षेत्रों में मरीजों का इलाज और ऑपरेशन करने में सक्षम होंगे। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच में बड़ा सुधार होगा।
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि डॉक्टरों की भूमिका कभी समाप्त नहीं होगी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बुखार कई बीमारियों का लक्षण हो सकता है, लेकिन किसी व्यक्ति को बुखार किस कारण से हुआ है, इसका सटीक निदान और सही उपचार का निर्णय केवल अनुभवी डॉक्टर ही कर सकते हैं। भविष्य में डॉक्टरों की भूमिका बदलकर “सुपर इंस्ट्रक्टर” जैसी हो सकती है, जो एआई द्वारा दी गई जानकारी का सही मार्गदर्शन और मानवीय समझ के साथ उपयोग करेंगे।
