देहरादून। उत्तराखंड में साइबर अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। आम जनता को ठगने के लिए अब साइबर ठग देश के बड़े नेताओं और उद्योगपतियों के नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं। हाल ही में सामने आए दो मामलों में ठगों ने करीब 48.66 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। पुलिस ने दोनों मामलों में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
देहरादून में मिठाई कारोबारी से 24.95 लाख की ठगी
पहला मामला राजधानी देहरादून का है, जहां प्रसिद्ध मिठाई कारोबारी आनंदम स्वीट्स के मालिक आनंद स्वरूप गुप्ता ने साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनका खाता एचडीएफसी बैंक में है और 9 फरवरी को किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनका मोबाइल हैक कर लिया। इसके बाद साइबर ठगों ने उनके बैंक खाते से एक ही दिन में पांच अलग-अलग खातों में कुल 24.95 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
शिकायतकर्ता के अनुसार, उनका मोबाइल 9 फरवरी को बंद हो गया था, जो 12 फरवरी को दोबारा चालू हुआ। मोबाइल खुलने के बाद उन्होंने बैंक से संपर्क किया, जहां उन्हें खाते से पैसे ट्रांसफर होने की जानकारी मिली। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
वित्त मंत्री के फर्जी विज्ञापन से चमोली निवासी से 23.71 लाख की धोखाधड़ी
दूसरा मामला चमोली जिले का है, जहां मकर सिंह नेगी नामक व्यक्ति से 23.71 लाख रुपये की साइबर ठगी की गई। पीड़ित ने बताया कि फेसबुक पर उन्हें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और गूगल सीईओ सुंदर पिचाई के नाम से एक निवेश विज्ञापन दिखा, जिसमें मोटे मुनाफे का लालच दिया गया था। विज्ञापन में दिए गए लिंक पर जानकारी भरने के बाद उन्हें एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को संजय बताया और निवेश के लिए डी-मेट अकाउंट व गूगल ट्रांजेक्शन के जरिए पैसे जमा करवाए।
पुलिस ने दोनों मामलों में एफआईआर दर्ज कर साइबर ठगों की तलाश शुरू कर दी है और नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान लिंक, कॉल या निवेश प्रस्ताव पर भरोसा करने से पहले पूरी जांच जरूर करें।
