देहरादून। देहरादून में पिछले 15 दिनों के भीतर सिलसिलेवार चार हत्याकांड सामने आने से शहर में दहशत और चिंता का माहौल है। लगातार हो रही गंभीर आपराधिक घटनाओं ने पुलिस व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालिया घटनाओं के बाद सरकार और पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर है, लेकिन अपराधों की श्रृंखला थमती नजर नहीं आ रही है।

इस माह 2 फरवरी को दूल्हा बाजार में गुंजन श्रीवास्तव की चापड़ से काटकर हत्या कर दी गई थी। आरोपी आकाश और मृतक के बीच पहले से विवाद चल रहा था, जिसकी शिकायत पुलिस के पास दर्ज थी। मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी ने चार्जशीट दाखिल कर दी है।

11 फरवरी को तिब्बती मार्केट के बाहर गैस कारोबारी अर्जुन शर्मा की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या की साजिश में अर्जुन की मां और उसके साथी की भूमिका की जांच चल रही है।

13 फरवरी को सिल्वर सिटी मॉल में झारखंड के हिस्ट्रीशीटर विक्रम शर्मा की सिर में नजदीक से गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। दो शूटरों ने वारदात को अंजाम दिया और फरार हो गए। चार दिन बीतने के बावजूद पुलिस अभी तक मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।

17 फरवरी को दिगंबर धीमान की हत्या का खुलासा हुआ। दिगंबर की हत्या 9 फरवरी को ही हो गई थी, लेकिन 11 फरवरी को गुमशुदगी दर्ज होने के बाद जांच शुरू हुई। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर शव बरामद किया है।

लगातार बढ़ते अपराधों को देखते हुए सरकार ने पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल किया है। देहरादून समेत आठ जिलों में नए पुलिस कप्तानों की तैनाती की गई, जबकि एसएसपी अजय सिंह को हटाकर प्रमेंद्र सिंह डोबाल को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कानून-व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं और मुखबिर तंत्र मजबूत करने तथा पुलिस पर जनता का विश्वास बढ़ाने पर जोर दिया है।

फिलहाल, बढ़ती आपराधिक घटनाओं ने देहरादून के नागरिकों को असुरक्षा की भावना से घेर लिया है।

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