देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून बाहरी राज्यों के अपराधियों के लिए कथित तौर पर ‘सॉफ्ट किलिंग फील्ड’ बनती जा रही है। पिछले 48 घंटों में हुई दो सुपारी किलिंग की घटनाओं ने दून पुलिस की कार्यप्रणाली और सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की शुरुआती जांच में विक्रम शर्मा हत्याकांड के आरोपियों के झारखंड या अन्य राज्यों से होने की आशंका जताई जा रही है, जो इस बढ़ते ट्रेंड की ओर इशारा करता है।
शुक्रवार सुबह राजपुर रोड स्थित सिल्वर सिटी मॉल के पास विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमलावरों ने मॉल की सीढ़ियों पर विक्रम को घेरकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं और मौके से फरार हो गए।
वारदात के बाद दोनों शूटर पैदल भागे और कुछ दूरी पर तीसरे साथी की बाइक पर बैठकर राजपुर रोड से सर्वे ऑफ इंडिया के पिछले गेट होते हुए कैनाल रोड और सहस्रधारा रोड के लिंक मार्गों से फरार हो गए। घनी आबादी और संकरी सड़कों का फायदा उठाकर वे पुलिस के जाल से बच निकलने में सफल रहे।
सीसीटीवी फुटेज से खुलासा हुआ है कि बदमाशों ने सहस्रधारा रोड पर अपनी बाइक छोड़ दी और दूसरे दोपहिया वाहन से हरिद्वार होते हुए उत्तर प्रदेश की ओर फरार हो गए। वारदात में इस्तेमाल किए गए वाहन किराए पर लेने की भी जानकारी सामने आई है।
गौरतलब है कि इससे पहले बुधवार को तिब्बती मार्केट में शहीद कर्नल के बेटे अर्जुन की हत्या भी सुपारी किलिंग की आशंका के तहत हुई थी। बीते 16 दिनों में जिले में पांच हत्याएं हो चुकी हैं, जिनमें से चार सुबह 11 बजे से पहले अंजाम दी गईं। विशेषज्ञों के अनुसार सुबह का समय चुनना अपराधियों की रणनीति है ताकि शहर में दहशत फैलाई जा सके।
हालिया घटनाओं से मॉर्निंग वॉकर्स और जिम जाने वालों में भय का माहौल है। दून की शांत छवि पर बढ़ते अपराध का साया मंडराता दिख रहा है, वहीं पुलिस की नाकेबंदी और चौकसी पर भी सवाल उठने लगे हैं।
