लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान बुधवार को भारी हंगामा देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस चर्चा पर अपना जवाब देना था, लेकिन विपक्षी दलों के विरोध के चलते उनका संबोधन नहीं हो सका। विपक्ष के शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही दिनभर में तीन बार स्थगित करनी पड़ी और अंततः शाम पांच बजे लोकसभा को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया।

विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकार नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सदन में बोलने का अवसर नहीं दे रही है। इसी मुद्दे को लेकर विपक्ष ने नारेबाजी करते हुए कार्यवाही बाधित की। विपक्ष का कहना है कि जब तक राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया जाएगा, तब तक प्रधानमंत्री को भी सदन में संबोधन नहीं करने दिया जाएगा।

लगातार हंगामे के चलते सदन में कोई भी महत्वपूर्ण विधायी कार्य नहीं हो सका। संसदीय कार्य मंत्रियों की अपील के बावजूद स्थिति सामान्य नहीं हो पाई। इस बीच, गुरुवार को भी लोकसभा में तीखी राजनीतिक बयानबाजी और हंगामे की आशंका जताई जा रही है।