देहरादून। केंद्रीय बजट 2026 को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्र सरकार से सकारात्मक उम्मीदें जताई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र की कोई भी योजना बनती है तो उसमें उत्तराखंड को जरूर शामिल किया जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से विशेष लगाव है और वह राज्य की जरूरतों को गंभीरता से समझते हैं। उन्होंने कहा कि अब तक केंद्र सरकार के बजट से राज्य को हमेशा उम्मीद से बढ़कर मिला है और इस बार भी यही अपेक्षा है।
वहीं, केंद्रीय बजट को लेकर उत्तराखंड के किसानों की भी बड़ी उम्मीदें जुड़ी हुई हैं। किसानों का कहना है कि सरकार उनकी फसलों की तय मूल्य पर शत-प्रतिशत खरीद की गारंटी दे। साथ ही नकदी फसलों को बढ़ावा देने और जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए ठोस नीति बनाई जाए।
किसानों का कहना है कि वे परंपरागत फसलों के साथ नकदी फसलें भी उगाते हैं, लेकिन न्यूनतम समर्थन मूल्य पर पूरी फसल की खरीद की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। इस कारण कई बार उन्हें अपनी फसल औने-पौने दाम पर बेचनी पड़ती है, जिससे लागत भी नहीं निकल पाती।
नैनीताल जिले के मल्ला निगलाठ गांव निवासी नीरज मेहरा का कहना है कि पर्वतीय क्षेत्रों में जंगली जानवर खेती को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसी वजह से लगभग 90 प्रतिशत लोगों ने खेती छोड़ दी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बजट में फसलों की सुरक्षा के लिए कोई प्रभावी योजना लाई जाएगी।
मोथरोवाला निवासी एचपी जोशी ने किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराने की मांग उठाई, जबकि दूधली निवासी मोहन सिंह बोरा ने देहरादून शहर का गंदा पानी खेतों में आने से जैविक खेती प्रभावित होने और स्वास्थ्य समस्याओं की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित किया। किसानों को उम्मीद है कि केंद्रीय बजट 2026 में इन समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
