बेंगलुरु। कर्नाटक स्थित बीएमएस एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा संचालित इंजीनियरिंग कॉलेजों में बड़े पैमाने पर सीटों की अवैध बिक्री का मामला सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस घोटाले में ट्रस्ट के ट्रस्टियों और प्रबंधन से जुड़ी लगभग 19.46 करोड़ रुपये बाजार मूल्य की तीन अचल संपत्तियों एक प्लॉट और दो फ्लैट को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है।
ईडी ने यह कार्रवाई मल्लेश्वरम और हनुमंतनगर पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की जांच के बाद की। एफआईआर में कर्नाटक परीक्षा प्राधिकरण के माध्यम से इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के दौरान सीट ब्लॉकिंग और निर्धारित शुल्क से अधिक नकद वसूली के आरोप दर्ज किए गए थे।
जांच में सामने आया कि बीएमएस ट्रस्ट द्वारा संचालित इंजीनियरिंग कॉलेजों में सीटें बिचौलियों और एजेंटों के जरिए बेची जा रही थीं। ज्यादा राशि देने वाले छात्रों को प्राथमिकता के आधार पर प्रवेश दिया जाता था। छात्रों से सीधे और तथाकथित शैक्षिक सलाहकार एजेंटों के माध्यम से बड़ी मात्रा में नकद राशि एकत्र की गई, जिसे ट्रस्ट के आधिकारिक खातों में दर्ज नहीं किया गया।
ईडी द्वारा 25 और 26 मई 2025 को की गई तलाशी में ट्रस्टियों, प्रबंधन और एजेंटों के ठिकानों से 1.86 करोड़ रुपये नकद जब्त किए गए। इसके अलावा, इंजीनियरिंग सीटों की बिक्री से प्राप्त लगभग 20.20 करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी से जुड़े सबूत भी बरामद हुए हैं। इनमें डायरी नोट्स, व्हाट्सएप चैट और अन्य दस्तावेज शामिल हैं, जिनकी पुष्टि कॉलेज स्टाफ, प्रबंधन और एजेंटों द्वारा की गई है।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इस अवैध नकदी का उपयोग ट्रस्ट के ट्रस्टियों द्वारा निजी संपत्तियां खरीदने और व्यक्तिगत लाभ के लिए किया गया। ईडी ने कहा है कि मामले में आगे की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे संभव हैं।
