देहरादून। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ का असर अब उत्तराखंड के औद्योगिक सेक्टर पर साफ दिखाई देने लगा है। राज्य के हैंडीक्राफ्ट, आर्टिफिशियल ज्वैलरी, एग्रो और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर के निर्यात में करीब 20 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। इससे लगभग एक हजार श्रमिकों और कर्मचारियों का रोजगार प्रभावित हुआ है।
इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड ने इस संबंध में एक आंकलन रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट के अनुसार, हरिद्वार और देहरादून की करीब 25 औद्योगिक इकाइयां सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं। इन इकाइयों को सालाना लगभग 200 करोड़ रुपये तक के नुकसान का अनुमान है। एसोसिएशन के मुताबिक, ट्रंप ने बीते वर्ष 31 जुलाई को भारत पर टैरिफ लागू किया था, जिसके बाद से उत्तराखंड से होने वाले निर्यात पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
हैंडीक्राफ्ट और आर्टिफिशियल ज्वैलरी सेक्टर पर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ा है। देहरादून की कुछ इकाइयों द्वारा तैयार किए गए हैंडीक्राफ्ट उत्पादों की अमेरिकी बाजार में अच्छी मांग थी, लेकिन टैरिफ के कारण उत्पाद महंगे हो गए हैं। इससे कई इकाइयों को उत्पादन घटाना पड़ा है। इसके अलावा एग्रो और फूड प्रोसेसिंग यूनिटों का निर्यात भी प्रभावित हुआ है।
इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने बताया कि हरिद्वार और देहरादून की करीब 50 इकाइयां संकट से जूझ रही हैं, जिनमें कार्यरत लगभग एक हजार लोगों का रोजगार प्रभावित हुआ है। निर्यात घटने के चलते उत्पादन में कमी आई है और अब उद्यमी नए बाजारों की तलाश कर रहे हैं।
अमेरिकी टैरिफ के बाद अब कारोबारी यूरोपीय देशों में संभावनाएं तलाश रहे हैं। अमेरिका और यूरोप के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव को देखते हुए राज्य के उद्योगों को नए बाजार मिलने की उम्मीद नजर आ रही है। एसोसिएशन जल्द ही यह रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगा।
