देहरादून। देहरादून में दिवंगत वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश सूरी के भाई राज सूरी के मेडिकल स्टोर में वर्ष 2016 में हुई चोरी के मामले में एक बार फिर पुलिस को जांच शुरू करनी होगी। देहरादून की अदालत ने पुलिस द्वारा दाखिल की गई अंतिम रिपोर्ट (एफआर) को खारिज करते हुए मामले में दोबारा विवेचना के आदेश दिए हैं। कोर्ट के निर्देश के बाद कोतवाली नगर पुलिस अब फिर से चोरों की तलाश और साक्ष्यों की जांच में जुटेगी।

यह घटना कांवली रोड स्थित राज सूरी के मेडिकल स्टोर और उससे सटे अधिवक्ता राजेश सूरी के कार्यालय में हुई थी। चोर मेडिकल स्टोर से करीब 15 से 20 हजार रुपये नकद के अलावा अधिवक्ता राजेश सूरी की कुछ महत्वपूर्ण फाइलें भी ले गए थे। घटना के बाद कोतवाली नगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।

पुलिस ने जांच के दौरान कई संदिग्धों से पूछताछ की, लेकिन न तो चोरों की पहचान हो सकी और न ही चोरी गया सामान बरामद किया जा सका। लंबी जांच के बाद पुलिस ने वर्ष 2023 में अदालत में अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी थी, जिसमें चोरों का पता न चल पाने और आगे जांच की संभावना न होने का हवाला दिया गया था।

हालांकि, राज सूरी ने इस रिपोर्ट को अदालत में चुनौती दी। उन्होंने आरोप लगाया कि विवेचना अधूरी रही और कई अहम पहलुओं पर गंभीरता से जांच नहीं की गई। पीड़ित की आपत्ति पर सुनवाई के बाद अदालत ने पुलिस की एफआर को अस्वीकार कर दिया और दोबारा जांच के आदेश दिए।

कोर्ट के आदेश के बाद अब पुलिस को एक दशक पुराने इस मामले में नए सिरे से सबूत जुटाने, पुराने संदिग्धों की भूमिका की समीक्षा करने और नए सुराग तलाशने होंगे। मामला इसलिए भी संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि इसमें दिवंगत वरिष्ठ अधिवक्ता से जुड़ी महत्वपूर्ण फाइलें चोरी हुई थीं।