उत्तर प्रदेश । अमेठी (यूपी) से भाजपा विधायक सुरेश पासी के एक बयान ने राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। जगदीशपुर विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रहे पासी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें वे कहते दिखाई दिए कि उन्हें मुस्लिम वोटों की जरूरत नहीं है, वे न कभी किसी मुस्लिम के घर जाते हैं और न ही भविष्य में जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वे मस्जिदों में नहीं जाते और मुस्लिम समुदाय के दुख-सुख में हिस्सा नहीं लेते।
इस बयान के तुरंत बाद भाजपा नेतृत्व ने खुद को इससे अलग कर लिया है। भाजपा जिला अध्यक्ष सुधांशु शुक्ला ने कहा कि यह टिप्पणी पासी का व्यक्तिगत विचार है और पार्टी की ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ नीति से इसका कोई लेना-देना नहीं है।
वहीं, विपक्षी दलों ने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस ने पासी की टिप्पणी को राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित बताया और कहा कि ऐसे बयानों से समाज में विभाजन फैलता है। समाजवादी पार्टी ने भी आरोप लगाया कि यह बयान नफरत फैलाने वाला है और समुदायों के बीच दरार पैदा करने का प्रयास है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब राज्य में राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हैं और सभी पार्टियाँ विभिन्न समुदायों को साधने की कोशिश कर रही हैं। इन बयानों ने सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है और सर्वदलीय आलोचना के साथ-साथ राजनीतिक चर्चा का केन्द्र बन गए हैं।
