मसूरी। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में आतंकी शिविरों को नष्ट कर अदम्य साहस और क्षमता का परिचय दिया है। इसके बावजूद पाकिस्तान अपने रवैये में बदलाव नहीं ला पाया है, जिसके चलते सीमाओं पर हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं।

लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी, मसूरी में 100वें फाउंडेशन कोर्स के समापन समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखने और हर स्थिति के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।

राजनाथ सिंह ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए सुशासन और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच बेहतर तालमेल आवश्यक है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन’ तथा ‘सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन’ के मंत्र को भारत की प्रगति का आधार बताया।

रक्षा मंत्री ने बीते दस वर्षों में भारत की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि 2014 में भारत विश्व की 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था, जो अब चौथे स्थान पर पहुंच चुका है। उन्होंने मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि अगले दो से तीन वर्षों में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है।

समारोह से पूर्व राजनाथ सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री और लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को पुष्पांजलि अर्पित की। इसके साथ ही उन्होंने ओडीओपी गैलरी का उद्घाटन भी किया।