प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के नवीनतम संस्करण में देश के विंटर टूरिज्म को नई दिशा देने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भारत में सर्दियों के पर्यटन को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की अपार क्षमता है। पीएम मोदी ने बताया कि दुनिया के कई देशों ने सर्दियों के दौरान होने वाले उत्सवों व एडवेंचर स्पोर्ट्स को अपनी अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ बनाया है, और भारत भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के पास पहाड़, संस्कृति और रोमांच ये तीनों तत्व अनूठे रूप में मौजूद हैं, जो विंटर टूरिज्म को मजबूत आधार प्रदान करते हैं। उन्होंने देशवासियों से आग्रह किया कि वे सर्दियों में भारत की हिमालयी वादियों का अनुभव करें और पर्यटन बढ़ाने में योगदान दें, जिससे स्थानीय लोगों को भी रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।

विशेष रूप से उत्तराखंड का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य की विंटर डेस्टिनेशंस लोगों को बेहद आकर्षित कर रही हैं। औली, मुनस्यारी, चोपटा और डेयारा जैसी जगहें अब सर्दियों में पर्यटकों की पहली पसंद बनकर उभर रही हैं। पीएम मोदी का मानना है कि उत्तराखंड विश्वस्तरीय विंटर स्पोर्ट्स और एडवेंचर गतिविधियों का केंद्र बन सकता है।

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने सर्दियों में होने वाली पहाड़ी शादियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि “वेड इन इंडिया” अभियान को हिमालयी क्षेत्रों में नई गति मिल रही है। पहाड़ों की शांत वादियाँ, कोहरे की चादर और धूप की नरम किरणें—ये सब मिलकर कई स्थानों को पसंदीदा डेस्टिनेशन वैडिंग स्पॉट बना रहे हैं।

कार्यक्रम के अंत में उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे हिमालय की खूबसूरत वादियों में जाकर सर्दियों का आनंद लें और प्रकृति से जुड़ते हुए स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में सहयोग दें।