देहरादून। पेपर लीक प्रकरण के बाद अब उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। आयोग भविष्य की सभी परीक्षाओं के लिए बहु-स्तरीय सुरक्षा रणनीति (मल्टी-लेयर सिक्योरिटी सिस्टम) तैयार करेगा और परीक्षा तैयारियों का सिक्योरिटी ऑडिट भी कराया जाएगा।

एकल सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट में उजागर हुई खामियों और चूकों को ध्यान में रखते हुए आयोग परीक्षा प्रक्रिया के हर चरण का सुरक्षा मूल्यांकन करेगा। यह ऑडिट प्रश्नपत्र की तैयारी, प्रिंटिंग, परिवहन, सीलिंग प्रक्रिया और परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने की पूरी श्रृंखला को कवर करेगा।

आयोग ने निर्णय लिया है कि तकनीकी ऑडिट, प्रश्नपत्र की सुरक्षित प्रिंटिंग व ट्रांसपोर्टेशन, और परीक्षा केंद्रों की निगरानी व्यवस्था को और सख्त किया जाएगा। इसका उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और लीक-प्रूफ बनाना है, ताकि अभ्यर्थियों का विश्वास आयोग पर दोबारा कायम हो सके।

यूकेएसएसएससी परीक्षा प्रकरण की प्रमुख घटनाएं

21 सितंबर: प्रदेशभर में 445 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित।

22 सितंबर: पेपर के तीन पेज सोशल मीडिया पर वायरल, रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज।

25 सितंबर: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जांच के लिए एसआईटी गठित की।

27 सितंबर: एकल सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग गठित।

11 अक्तूबर: आयोग की रिपोर्ट के आधार पर परीक्षा निरस्त।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि परीक्षा को छात्र हित में रद्द किया गया है और सीबीआई जांच की संस्तुति की गई है। सरकार की प्राथमिकता है कि प्रत्येक छात्र को निष्पक्ष अवसर मिले और परीक्षा प्रणाली पर जनता का भरोसा बरकरार रहे।

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