धराली में आयी भीषण आपदा से कई घरों के लोग बेघर हो गए, तो कई लोगों ने अपनो को खो दिया। हर तरफ बस बर्बादी ही बर्बादी देखने को मिल रही है। पुलिस- प्रशासन से लेकर एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम मौके पर धराली में मौजूद है। अपनों की मिलने की आस लगाए बैठे लोगों की उम्मीद का बस एक मात्र सहारा सर्च अभियान में जुटी टीम है।

भूस्खलन के कारण रास्ते बंद

इस बीच धराली हादसे में मुंबई से आए तीन वरिष्ठ नागरिकों के खोने की भी है। दरअसल गंगोत्री घूमने आए मुंबई के तीन नागरिक धराली हादसे के बाद से लापता हैं। यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब इलाके में भारी भूस्खलन के कारण रास्ते बंद हो गए हैं। परिवार का पिछले 40 घंटों से उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया है, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

पांच अगस्त से तीनों से नहीं हो पाया कोई संपर्क

लापता बुजुर्गों में मुंबई के रहने वाली सुशीला (60), काशीनाथ (65) और चंद्रभागा सनाप (55) के नाम शामिल हैं। ये तीनों पांच अगस्त को गंगोत्री दर्शन के बाद हर्षिल होते हुए उत्तरकाशी लौटने वाले थे। उनके रिश्तेदार सतीश उगले ने बताया कि पांच अगस्त के बाद से ही उनका फोन बंद आ रहा है। जिस समय धराली में आपदा आई उस समय उनकी मां और मौसी वहीं से गुजर रहे थे।

प्रशासन से तत्काल मदद की अपील

उन्होंने प्रशासन से तत्काल मदद की अपील की है। स्थानीय पुलिस और बचाव दल उनकी तलाश में जुट गए हैं लेकिन भूस्खलन से बाधित रास्तों के कारण बचाव कार्य में मुश्किलें आ रही हैं।

 

You missed