रुद्रप्रयाग में उत्तराखण्ड स्वाभिमान मोर्चा की चिंतन बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में उत्तराखण्ड की जल, जंगल और जमीन को बचाने के लिए सशक्त भू-कानून और मूल निवास को लेकर चर्चा की गई।
रुद्रप्रयाग में उत्तराखण्ड स्वाभिमान मोर्चा की चिंतन बैठक
उत्तराखण्ड स्वाभिमान मोर्चा की टीम रुद्रप्रयाग पहुंचने पर सैकड़ों लोगांं ने मोर्चा का स्वागत किया। मोर्चा की टीम पहले स्थानीय लोगों के साथ तहसील परिसर पहुंची। जहां उन्होंने एलयूसीसी कॉपरेटिव सोसायटी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन कर प्रदेश सरकार से कार्यवाही की मांग की।
इसके बाद मोर्चा के सभी पदाधिकारी और समर्थक रुद्रप्रयाग नये बस अड्डे पहुंचे, जहां स्थित एक वेडिंग हॉल में आयोजित चिंतन बैठक को संबोधित करते हुए मूल निवास-भू-कानून के संयोजक एवं मोर्चा के महासचिव मोहित डिमरी ने कहा कि आज के समय में पहाड़ के जल, जंगल और जमीन की अस्मिता को बचाने को लेकर लड़ाई लड़ी जा रही है। पहाड़ की माताओं और बहिनों ने उत्तराखण्ड राज्य को बनाने के लिए अपनी जान तक दे दी और आज कांग्रेस और भाजपा ने बारी-बारी से पूरे प्रदेश को ही लूट लिया। साथ ही बाहरी लोगों का भी कब्जा यहां करवा दिया।
मूल-निवास को लागू करने की मांग
मोहित डिमरी ने कहा कि सशक्त भू-कानून और मूल निवास की लड़ाई को लेकर युवा सड़कों में उतर चुके हैं। प्रदेश के 11 जनपदों में चिंतन बैठक का आयोजन कर गोष्ठियां की जा रही है। इस मुद्दे के साथ ही स्थानीय मुद्दों को लेकर भी लोगों से सुझाव लिए जा रहा हैं।
जल्द ही प्रदेश के भीतर एक बड़ा आंदोलन होने जा रहा है। उन्होंने प्रदेश में एक सशक्त विकल्प बनाने के लिए आम जनता को एकजुट करने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रदेश राजनीतिक संकट से जूझ रहा है। हमें उत्तराखंड को बचाने के लिए सबको मिलकर आगे बढ़ना होगा। इसी उद्देश्य से चिंतन गोष्ठी की जा रही है।
प्रदेश के भीतर आज अराजकता का माहौल
स्वाभिमान मोर्चा की आहूत चिंतन बैठक में मूल निवास-भू-कानून के संयोजक एवं मोर्चा के महासचिव मोहित डिमरी ने कहा कि प्रदेश के भीतर अराजकता का माहौल पैदा हो गया है। छोटे से लेकर बड़े कार्यों में बाहरी कंपनियों को काम मिल रहा है। जबकि स्थानीय लोगों को रोजगार से वंचित किया जा रहा है।
आम जनता सरकार की भ्रष्ट नीतियों से खासी परेशान हो गई है। एलयूसीसी कॉपरेटिव सोसायटी ने पहाड़ की भोली-भाली जनता को ठगने का काम किया गया है। ऐसे में प्रदेश में एक सशक्त विकल्प बनाने को लेकर आम जनता को एकजुट किया जा रहा है। जिससे प्रदेश को राजनीतिक संकट से बचाया जा सके।